हल्द्वानी - दिल्ली ब्लास्ट केस के तार हल्द्वानी से भी जुड़े, बिलाली मस्जिद के ईमाम मौलाना आसिम को NIA ने उठाया

हल्द्वानी - दिल्ली ब्लास्ट केस के तार हल्द्वानी से भी जुड़े, बिलाली मस्जिद के ईमाम मौलाना आसिम को NIA ने उठाया

Delhi Blast Uttarakhand Connection

Delhi Blast Uttarakhand Connection

हल्द्वानीDelhi Blast Uttarakhand Connection: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट की जांच कर रही एनआईए (National Investigation Agency) को उत्तराखंड से भी बड़ी लीड मिली है. एनआईए ने उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में कई जगहों पर छापेमारी की है. उत्तराखंड पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनआईए की टीम ने हल्द्वानी के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, जिनका कनेक्शन दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी उमर से निकला है.

दिल्ली ब्लास्ट के जांच की आग अब हल्द्वानी के वनभूलपुरा तक पहुंच चुकी है. बताया जा रहा है कि कल देर रात एनआईए, दिल्ली पुलिस, एलआईयू और जनपद की पुलिस ने मस्जिद में छापेमारी की थी. इसके बाद टीम ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. एनआईए की टीम दो लोगों को अपने साथ दिल्ली भी ले गई है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली ब्लास्ट मामले में आतंकी उमर की कॉल डिटेल खंगाली गई तो हल्द्वानी का कनेक्शन सामने आया. इसके बाद ही दिल्ली से एनआईए की टीम हल्द्वानी पहुंची और वनभूलपुरा इलाके में स्थित मस्जिद में छापा मारा.

बताया जा रहा है कि एनआईए को मस्जिद के इमाम के खिलाफ कुछ अहम सबूत हाथ लगे हैं, उसी आधार पर एनआईए ने मस्जिद के इमाम को हिरासत में लिया है. इमाम के अलावा एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है.

फिलहाल एहतियात के तौर पर हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दी गया है. फिलहाल हल्द्वानी पुलिस अधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रही है. पुलिस सोर्स के मुताबिक कल देर रात सुरक्षा एजेंसी, दिल्ली पुलिस और जनपद पुलिस ने हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में छापेमारी कर कुछ संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिसका कनेक्शन दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी उमर से निकला है.

दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में ब्लास्ट हुआ था. इस ब्लास्ट में आठ लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा 20 से अधिक लोगों घायल हुए थे. इस ब्लास्ट में उत्तराखंड का एक युवक भी घायल हुआ था. इस ब्लास्ट की जांच एनआईए (National Investigation Agency) को दी गई है. एनआईए इस मामले में अभी तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.